अथ सचिन चालीसा
सचिन रमेश तेन्दुलकर, तुम सर्वोच्च महान ।
फैन्स तुम्हारे ठीक ही कहें तुम्हें भगवान ।।
अव्वल दुनियाँ में तुम ही, फिर उठता है प्रश़्न ।
क्यों न मिले तुमको सचिन, फौरन भारत रत़्न ? ।।
फैन्स तुम्हारे ठीक ही कहें तुम्हें भगवान ।।
अव्वल दुनियाँ में तुम ही, फिर उठता है प्रश़्न ।
क्यों न मिले तुमको सचिन, फौरन भारत रत़्न ? ।।
जय जय सचिन रनों के सागर । कीन्हा भारत नाम उजागर ।।1।।
बरसन से क्रिकेट में छाये । दुनिया भर में नाम कमाये ।।2।।
महावीर किरकेट के संगी । जमते पहने शर्ट तिरंगी ।।3।।
हाथ बॅाल और बैट बिराजे । छोटी दाढ़ी अक्सर साजे ।।4।।
भोली सूरत लगते प्यारे । फैन्स तुम्हारे तुम पर वारे ।।5।।
छोटा कद बन बड़ा दिखाया । बड़े बड़ों का किया सफाया ।।6।।
हूपर ने कुक तुम्हे बनायो । तुमने उसको पाठ पढ़ायो ।।7।।शेनवार्न को मज़ा चखायो । सपने में डर तुम्हरो खायो ।।8।।
अकरम वकरम मांगे पानी । याद दिला दी सबकी नानी ।।9।।
मार सैंकड़े भर दी भूसी । चाकलेट चुपके से चूसी ।।10।।
ब्रैटली, कर्टली निकट न आवें । सचिन वीर जब सिक्स लगावें ।।11।।
शोयब को तुम धर धर पटके । ना जाने कितने रन झटके ।।12।।
चैन गया सकलैन उदासे । पल्टे सचिन मैच के पासे ।।13।।
गेंद हर इक बॅालर की धुन ली । मुरली लगे बजाने मुरली ।।14।।
तुमसे पीछे रह गयो लारा । उससे बढ़कर तुमने मारा ।।।15।।
शतक एक कम सौ हैं पीटे । अर्ध शतक अनगिनत घसीटे ।।16।।
रन पर्वत लखि भये सुखारी । सचिन बन गये तीस हज़ारी ।।17।।
तोड़ रिकार्ड न कोई पाया । जो पहाड़ सा सचिन बनाया ।।18।।
वन डे, टेस्ट, आईपीएल ज्ञाता । अस वर दीन्ह आपकी माता ।।19।।
रन अम्बार तुम्हारे पासा । भारत को है तुमसे आसा ।।20।।
आपन बैट संभारो आपै । बॉलर सभी हांक ते कांपै ।।21।।
हेल्मेट सिर बल्ला कर मांही । शतक मार गये अचरज नांही ।।22।।कवर ड्राइव प्रिय शॅाट तुम्हारा । पैडल शॅाट अचानक मारा ।।23।।
मास्टर ब्लास्टर सही कहाते । फैन्स प्रशंसा कर न अघाते ।।24।।
संकट से तुम सदा बचायो । जब जब भारत हारत पायो ।।25।।है सहवाग तुम्हारो चेला । खेल रह्य़ो हैं बढ़िया खेला ।।26।।
तुम्हरो मन्त्र उसी ने जाना । ट्वीट करि रह्य़ो सब जग जाना ।।27।।
कई विकेट भी तुम ले लीन्हा । स्पिन बॅालर अचरज कीन्हा ।।28।।
बड़े बड़ों के विकेट उखाड़े । बॅालिंग में भी झंडे गाडे ।।29।। और क्रिकेटर चित्त न धरईं । सचिन सेइ बॅाल जो धुनईं ।।30।।
कपिल गवास्कर कीन्ह बड़ाई । तुम मम प्रिय तेन्दुलकर भाई ।।31।। तुम में छवि मेरी झलकावै । अस कहि ब्रेडमेन कंठ लगावें ।।32।।
वन डे मे इतिहास रचाया । दो सौ कोई पहुंच ना पाया ।।33।।
डबल सेन्चुरी ऐसी मारी । चकित रह गई दुनियाँ सारी ।।34।। दीदी लता लुटायें ममता । पा आशीष न बल्ला थमता ।।35।।
सनी चाहते तव पद छूना । फूल के हुइ गयो सीना दूना ।।36।।
बाल ठाकरे उपमा कीन्हू । तुम्हे शिवा का दरजा दीन्हू ।।37।।
आईपीएल में धाक जमायू । सर्वाधिक रन तुम ही बनायू ।।38।।तुमसे बढ़कर नहीं खिलाड़ी । सदा विजय रथ राखो जारी ।।39।।
शतकों का तुम शतक जमाओ । जीत विश्व कप भारत लाओ ।।40।। किरकेट के संकट हरन, होली शुभ हो वीर ।
रन की मधु बौछार सा, उड़े गुलाल, अबीर ।।
रन की मधु बौछार सा, उड़े गुलाल, अबीर ।।
very beautiful and wellsaid about the master stroke sachin
जवाब देंहटाएंAwesome !!
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